अलग हर सिम्त से दिखता है मन्ज़र,
नज़रिया है ग़लत क्या और सही क्या.

सोमवार, 27 दिसंबर 2010

बेअसर है.

हौसला अफज़ाई करने वाले सब दोस्तों के नाम.



तुम्हारा तोलने का है जो आला,
उस आले में मेरा वज़न सिफ़र है.

बायस-ए-हाल-ए-दुनिया किससे पूछें,
यहाँ मालिक मकाँ ही दरबदर है.

साथ उसके हुआ शहर का मुंसिफ,
क़ातिल-ए-शहर को अब किसका डर है.

लिए फ़िरता है परचम दोस्ती का,
घाव से आशना उसका जिगर है.

यहाँ सब जूझ रहे दौर-ए-गम से,
वहाँ हालात की उसको फिकर है.






..........यहाँ तक पढ़ा तो आगे भी हिम्मत कीजिये..........




मेरी दीवानगी हद से है गुज़री,
तुम्हारा तंज़ मुझपर बेअसर है.

यहाँ मुस्कान की दुनिया है कायल,
यहाँ जज़्बात की किसको फ़िकर है.

14 टिप्‍पणियां:

  1. बायस-ए-हाल-ए-दुनिया किससे पूछें,
    यहाँ मालिक मकाँ ही दरबदर है.

    उत्तम प्रस्तुति...

    आपकी पिछली प्रस्तुति में भी मेरी एक टिप्पणी मौजूद है । धन्यवाद...

    उत्तर देंहटाएं
  2. साथ उसके हुआ शहर का मुंसिफ,
    क़ातिल-ए-शहर को अब किसका डर है.

    हालात की सही तस्वीर पेश की है आपने.
    बहुत सुन्दर.

    उत्तर देंहटाएं
  3. Very Well Said DajU!!
    Kay Baat Hai Wah Wah.... "Explains the agony of a troubled intimate life in these line".. Hats Off To Ur Sir.. :)

    उत्तर देंहटाएं
  4. Very Well Said DajU!!
    Kay Baat Hai Wah Wah.... "Explains the agony of a troubled intimate life in these line".. Hats Off To Ur Sir.. :)
    FAIZ AHMED

    उत्तर देंहटाएं
  5. मेरी दीवानगी हद से है गुज़री,
    तुम्हारा तंज़ मुझपर बेअसर है.

    यहाँ मुस्कान की दुनिया है कायल,
    यहाँ जज़्बात की किसको फ़िकर है.
    क्या शेर कहे हैं...बहुत खूब...

    उत्तर देंहटाएं
  6. वीना जी बहुत शुक्रिया हौसलाअफजाई का.

    उत्तर देंहटाएं
  7. मेरी दीवानगी हद से है गुज़री,
    तुम्हारा तंज़ मुझपर बेअसर है.

    यहाँ मुस्कान की दुनिया है कायल,
    यहाँ जज़्बात की किसको फ़िकर है.

    बहुत खूबसूरत एहसास ...

    नव वर्ष की शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  8. आप को सपरिवार नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं .

    उत्तर देंहटाएं
  9. संगीता जी एवं मुस्कान जी आपको भी नव वर्ष आगमन की ढेरों शुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  10. आगामी नूतन वर्ष आपके लिये शुभ और मंगलमय हो. हार्दिक ळुभकामनाओं सहित...

    उत्तर देंहटाएं
  11. Khud ko hamari nazar se taul liya,
    yeh humse na-insaafi kaise kar li,
    Hum waqt nikal ke in khyaalon ko padhne aaye,
    Kya ek sifar k liye hum yun daastaane(comments) bayaan kartey??

    उत्तर देंहटाएं