अलग हर सिम्त से दिखता है मन्ज़र,
नज़रिया है ग़लत क्या और सही क्या.

मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

क्रिकेटनीती



नेट प्रक्टिस से दोस्तों,चले नहीं अब काम,
पिच पर आ दे दीजिए, सपने सर-अंजाम.

बाउंडरी पर लीजिए, बेईमानों का कैच,
सही वक्त है देश को, जिता दीजिए मैच.
रष्टाचारी कौम को,करिये अब रन आउट,
मिलने ना पाए इन्हें,बेनेफिट ऑफ डाऊट.
संसद में कोई अगर, फेंके जो नो बौल,
अम्पायर बन जाइये, करिये फाउल कॉल.
मैच फिक्स होते रहे, अगर इलेक्शन बाद,
खिचड़ी सरकारें बनें, देश करें बरबाद.